Delhi Green Crackers: SC ने दी छूट, 7-8 नवंबर दो स्लॉट में फोड़ें

दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले पटाखों को लेकर इंतजार खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री 4 से 6 नवंबर और फोड़ने की अनुमति सिर्फ 7 व 8 नवंबर को दो तय स्लॉट में दी है। राजधानी के बाजारों में बिक्री शुरू हो चुकी है, पुलिस लाइसेंस जांच रही है और प्रतिबंधित स्टॉक पकड़े जाने पर दुकानें सील भी हो रही हैं।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच का 29 अक्टूबर का आदेश सोमवार को सार्वजनिक हुआ। कोर्ट ने साफ लिखा कि 9 नवंबर से पटाखों पर पहले जैसा पूरा प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा।

कब खरीदें, कब फोड़ें—पूरा कैलेंडर
आदेश के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में व्यवस्था इस तरह है:
बिक्री: 4, 5 और 6 नवंबर—सिर्फ तय जगहों पर, प्रमाणित ग्रीन पटाखे। ऑनलाइन बिक्री मना है। रद्द लाइसेंस अस्थायी रूप से इन्हीं तीन दिनों के लिए बहाल किए जा सकते हैं, बशर्ते दुकानदार CSIR-NEERI प्रमाणित निर्माताओं से माल खरीदें।
फोड़ना: सिर्फ 7 और 8 नवंबर को—सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे। इन दो दिनों के बाहर फोड़ना अनुमति में नहीं आता।
प्रतिबंध वापसी: 9 नवंबर से विनिर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर पहले वाला पूर्ण प्रतिबंध दोबारा लागू।
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कौन से पटाखे जायज, कौन से नहीं
कोर्ट ने सिर्फ उन्हीं ग्रीन पटाखों की इजाजत दी है जो CSIR-NEERI और PESO से प्रमाणित हों और CSIR-NEERI की वेबसाइट पर अपलोड सूची में शामिल हों। निर्माता इन्हें 2 से 6 नवंबर के बीच बना सकते हैं।
हर डिब्बे पर उत्पाद-विशिष्ट QR कोड होना जरूरी है। डिब्बे पूरी तरह सील रहें, ताकि उनमें साधारण या प्रतिबंधित पटाखे न मिलाए जा सकें। लाड़ी/माला जैसे जुड़े पटाखे और बेरियम वाले पटाखे बनाना या बेचना मना है।
अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक/जिला स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम, अधिसूचित साइलेंस जोन और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर दायरे को ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित कर जमीन पर चिह्नित किया जाना है। वहां पटाखे नहीं फोड़े जा सकेंगे।

बाजार में क्या चल रहा है
आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन लेना और परिसरों की भौतिक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक स्थायी पटाखा विक्रेताओं की संख्या राजधानी में करीब 125 बताई जाती है; त्योहार से पहले सीमित अस्थायी लाइसेंस भी जारी होते हैं। अधिकतम भंडारण सीमा करीब 600 किलो बताई गई है।
Sadar Bazar सहित पुरानी दिल्ली के बाजारों में खरीदारी का हुजूम दिख रहा है। साथ ही प्रशासन ने प्रतिबंधित या बिना लाइसेंस स्टॉक पर कार्रवाई भी तेज की है—बुधवार को ओल्ड दिल्ली में निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानें और गोदाम सील किए गए, जहां प्रतिबंधित पटाखे या नियमों का उल्लंघन पाया गया।
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कोर्ट ने छूट क्यों दी
बेंच ने पटाखे फोड़ने को दीपावली की धार्मिक प्रथा माना, लेकिन कहा कि बिना नियंत्रण के यह हवा, शोर और कचरे से जन-स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है—खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बीमार। अनुच्छेद 25 का धर्म का अधिकार लोक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है; अनुच्छेद 21 में स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार भी शामिल है।
कोर्ट का कहना है कि पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद अवैध बिक्री चलती रही और वैध ग्रीन पटाखे खरीदना मुश्किल रहा। इसलिए सीमित खिड़की दी गई है, साथ में भारी मौद्रिक जमानत और उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त निर्देश भी।

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आपके लिए साफ चेकलिस्ट
अगर आप दिल्ली-एनसीआर में हैं तो सिर्फ QR कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखे तय दुकानों से 6 नवंबर तक खरीदें। फोड़ें सिर्फ 7–8 नवंबर को सुबह 6–7 और रात 8–10 बजे, नो-क्रैकर जोन से दूर। 9 नवंबर के बाद पुराना पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू माना जाएगा।
यह खबर सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर 2026 के आदेश (सोमवार को सार्वजनिक), दिल्ली पुलिस/प्रशासन की लाइसेंस-जांच संबंधी जानकारी और स्थानीय बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित है।






