Everest Helicopter Crash: दो हेलिकॉप्टर टकराए, चेन्नई के पर्यटक की मौत

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के रास्ते पर, साफ आसमान के नीचे, मंगलवार सुबह कुछ ही सेकंड में सब बदल गया। नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में फेरिचे (Pheriche) हेलिपैड पर लैंडिंग के वक्त दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में चेन्नई के 47 वर्षीय पर्यटक वसंत कुमार बालारामुडु की मौत हो गई, जबकि एक और यात्री और दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलट घायल हुए हैं। टक्कर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है।

नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAN) के मुताबिक हादसा नेपाल के समय के अनुसार सुबह करीब 8:11-8:12 बजे, यानी भारतीय समय से सुबह करीब 7:56 बजे हुआ। फेरिचे सोलुखुम्बू जिले में करीब 4,371 मीटर की ऊंचाई पर है और एवरेस्ट बेस कैंप से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण में पड़ता है। बेस कैंप जाने वाले ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों का यह अहम पड़ाव है।
कौन से थे दोनों हेलिकॉप्टर?
CAAN के बयान के अनुसार दोनों ही AS350 हेलिकॉप्टर थे। पहला, Fishtail Air का 9N-AJR, एवरेस्ट बेस कैंप के पास गोरखशेप से दो विदेशी यात्रियों को लेकर उड़ा था। दूसरा, Air Dynasty का 9N-AOD, लुक्ला एयरपोर्ट से सामान (कार्गो) लेकर आ रहा था। दोनों एक ही समय पर फेरिचे हेलिपैड पर उतरने की कोशिश कर रहे थे।
CAAN के प्रवक्ता ज्ञानेंद्र भुल ने कहा, “ऐसा लगता है कि हादसा तब हुआ जब दोनों हेलिकॉप्टरों ने एक ही जगह पर उतरने की कोशिश की।” अधिकारियों के मुताबिक लैंडिंग के दौरान दोनों के रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए।
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में दिखता है कि एक हेलिकॉप्टर दूसरे के मुकाबले काफी तेजी से नीचे आ रहा है। नेपाल के स्थानीय मीडिया के आकलन के मुताबिक Fishtail Air का हेलिकॉप्टर ग्राउंड स्टाफ की चेतावनी के बावजूद तेजी से उतर रहा था, और जब दोनों जमीन से सिर्फ 2-3 मीटर ऊपर थे, तब Air Dynasty हेलिकॉप्टर के ब्लेड Fishtail Air के यात्री केबिन की खिड़कियों से टकरा गए। मौसम साफ दिख रहा है और तेज हवा का कोई असर नजर नहीं आता।
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मरने वाले चेन्नई के पर्यटक, घायलों का क्या हाल?
Fishtail Air ने बयान जारी कर मृतक की पहचान भारतीय नागरिक वसंत कुमार बालारामुडु के रूप में की। सोलुखुम्बू जिला पुलिस के मुताबिक वे 47 साल के थे और तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले थे। वे Fishtail Air के हेलिकॉप्टर में सवार थे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
उसी हेलिकॉप्टर में सवार दूसरे यात्री, भारतीय मूल के न्यूजीलैंड नागरिक शैलेश कृष्ण पटेल (49) घायल हुए हैं। उन्हें और Fishtail Air के पायलट को एयरलिफ्ट कर काठमांडू के नेपाल मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया। Air Dynasty के पायलट को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज लुक्ला में चल रहा है। Air Dynasty ने कहा कि उसके हेलिकॉप्टर में सिर्फ एक क्रू सदस्य था।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले के मुताबिक वसंत कुमार का शव फिलहाल लुक्ला में है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे काठमांडू लाकर भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि अभी साफ नहीं है कि दोनों यात्री किसी ट्रेकिंग दल के साथ थे या एवरेस्ट चढ़ाई की तैयारी में थे।

गलती किसकी? जांच में दो थ्योरी
हादसे की असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन अधिकारियों के शुरुआती बयान दो दिशाओं की ओर इशारा करते हैं।
पहली, पायलटों के बीच तालमेल की कमी। CAAN के महानिदेशक मुकेश डंगोल ने कहा, “शुरुआती रिपोर्ट्स पायलटों के बीच गलत संवाद की ओर इशारा करती हैं, क्योंकि यह इलाका लुक्ला एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर की कवरेज से बाहर है और पायलटों को आपस में ही बात करनी होती है।” उन्होंने बताया कि घायल पायलट का बयान दर्ज किया जा रहा है।
दूसरी, तकनीकी खराबी। सोलुखुम्बू के मुख्य जिला विकास अधिकारी कमन सिंह थापा मगर ने कहा कि उस समय मौसम पूरी तरह साफ था, इसलिए मौसम वजह नहीं लगता और शायद कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई। नेपाल पुलिस भी कह रही है कि साफ मौसम में हुई इस टक्कर के पीछे कोई और कारण है, जिसकी जांच चल रही है।
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एवरेस्ट के आसमान में बढ़ता ट्रैफिक, पुराना विवाद
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर ही सबसे तेज साधन है, लेकिन ऊंचाई और पल-पल बदलता मौसम हर उड़ान को जोखिम भरा बनाता है। CAAN के रिकॉर्ड के मुताबिक 1966 से अब तक देश में कम से कम 22 घातक हेलिकॉप्टर हादसे हो चुके हैं। जुलाई 2023 में सोलुखुम्बू के ही लामजुरा इलाके में मनांग एयर का हेलिकॉप्टर गिरा था, जिसमें मेक्सिको के एक ही परिवार के पांच पर्यटकों और पायलट की मौत हुई थी।
एवरेस्ट इलाके में हेलिकॉप्टरों की बढ़ती संख्या पर स्थानीय लोग लंबे समय से सवाल उठा रहे हैं। दिसंबर 2025 में स्थानीय नगरपालिका और सागरमाथा नेशनल पार्क ने बचाव उड़ानों को छोड़कर साइटसीइंग उड़ानों पर रोक के निर्देश जारी किए थे। स्थानीय समुदाय का कहना है कि शोर और भीड़ इस यूनेस्को विश्व धरोहर क्षेत्र की शांति और वन्यजीवों के लिए खतरा है, जबकि पर्यटन उद्योग का तर्क है कि रोक से नेपाल के महंगे पर्यटन बाजार को नुकसान होगा। यह विवाद अब तक सुलझा नहीं है, और फेरिचे की टक्कर ने इसे फिर गरमा दिया है।
भारत के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक और हेलिकॉप्टर टूर के लिए नेपाल जाते हैं। ऐसे में हिमालय की ऊंचाइयों पर उड़ान सुरक्षा का सवाल सीधे भारतीय यात्रियों से जुड़ता है।
यह खबर नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAN), सोलुखुम्बू जिला प्रशासन, नेपाल पुलिस और Fishtail Air व Air Dynasty के आधिकारिक बयानों पर आधारित है।
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