Composer Deva: रजनीकांत के ‘सुपरस्टार’ टाइटल की धुन बनाने वाले संगीतकार देवा नहीं रहे, राजकीय सम्मान से होगी विदाई

चेन्नई: ‘अन्नामलाई’, ‘बाशा’ और ‘अरुणाचलम’ जैसी रजनीकांत की फिल्मों को यादगार संगीत देने वाले मशहूर तमिल संगीतकार देवा का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घोषणा की है कि देवा की अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ निकाली जाएगी। चेन्नई की गलियों में पनपे लोकसंगीत ‘गाना’ को फिल्मों की मुख्यधारा तक पहुंचाने वाले देवा तमिल सिनेमा में ‘तेनिसई तेंड्रल’ यानी ‘मधुर संगीत की बयार’ के नाम से मशहूर थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शनिवार सुबह सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें करीब साढ़े आठ बजे चेन्नई के कोडंबक्कम स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका पार्थिव शरीर टी. नगर स्थित आवास पर रखा गया है, जहां दिन भर फिल्मी हस्तियों, नेताओं और प्रशंसकों का तांता लगा रहा।
मुख्यमंत्री विजय ने किया राजकीय सम्मान का ऐलान
तमिलनाडु सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संगीत जगत में देवा के योगदान के सम्मान में उनकी अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ होगी। इसके कुछ देर बाद मुख्यमंत्री विजय खुद टी. नगर स्थित देवा के आवास पहुंचे, पार्थिव शरीर पर पुष्पमाला अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
इससे पहले अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा था कि देवा ने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ की 400 से ज्यादा फिल्मों में संगीत दिया और कई ‘गाना’ गीत खुद लिखे और गाए भी। उन्होंने कहा कि कलैमामणि समेत कई सम्मान पाने वाले देवा का संगीत सफर और उनके गीत फिल्म संगीत के इतिहास में हमेशा अमर रहेंगे और उनका जाना तमिल फिल्म उद्योग के लिए बड़ी क्षति है।
‘द हिंदू’ के मुताबिक देवा का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर एक बजे तक अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा जाएगा। इसके बाद उसे रानीपेट जिले में आर्काट के पास उनके पैतृक गांव मांगाडु ले जाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
रजनीकांत की हर फिल्म में गूंजती है देवा की धुन
डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने लंबे श्रद्धांजलि संदेश में लिखा कि रजनीकांत के साथ देवा की फिल्में ‘अन्नामलाई’, ‘बाशा’ और ‘अरुणाचलम’ के गीत जबरदस्त हिट हुए। स्टालिन के मुताबिक आज भी रजनीकांत का नाम परदे पर देवा के संगीत के साथ ही आता है, और इसी से उनकी धुनों की पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी लिखा कि तमिलनाडु में शायद ही कोई ऑटो स्टैंड हो, जहां ‘बाशा’ का गीत ‘नान ऑटोक्कारन’ न बजता हो।
स्टालिन ने याद दिलाया कि देवा को ‘तेनिसई तेंड्रल’ की उपाधि पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने दी थी। उनके मुताबिक जिस दौर में एक तरफ इलैयाराजा और दूसरी तरफ एआर रहमान का दबदबा था, उस समय भी देवा ने अपनी अलग राह बनाई और कामयाबी हासिल की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सुपरस्टार रजनीकांत भी शनिवार को देवा के आवास पहुंचे और उन्हें अंतिम विदाई दी।
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सरकारी नौकरी से 400 फिल्मों तक का सफर
देवा का असली नाम देवनेसन चोक्कलिंगम था। फिल्मों में आने से पहले वह तमिलनाडु सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) में काम करते थे। संगीतकार के तौर पर उनकी पहली फिल्म 1986 में आई ‘मट्टुक्कारा मन्नारु’ थी। 1990 की फिल्म ‘वैकासी पोरंथाचु’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पहला तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार मिला, जबकि 1992 में आई रजनीकांत की ‘अन्नामलाई’ उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई।
रजनीकांत के अलावा उन्होंने कमल हासन की ‘अव्वै षण्मुगी’ और ‘पंचतंत्रम’ जैसी कॉमेडी फिल्मों और विजयकांत की कई फिल्मों के लिए भी हिट गीत दिए। स्टालिन के मुताबिक ‘आसै’, ‘कादल कोट्टै’ और ‘कालमेल्लाम कादल वाझ्गा’ जैसी फिल्मों में देवा की मधुर धुनें आज भी बार-बार सुनी जाती हैं। उन्होंने अनिरुद्ध जैसे नई पीढ़ी के संगीतकारों के लिए भी गीत गाए।

कमल हासन से एआर रहमान तक, सबने किया याद
अभिनेता और सांसद कमल हासन ने देवा को अपना प्यारा भाई बताते हुए लिखा कि उनके निधन की खबर स्तब्ध करने वाली है। कमल ने याद किया कि देवा हमेशा जोश और चुलबुलेपन से भरे रहते थे और छोटे से मजाक पर भी खुलकर हंसते थे। उन्होंने ‘अव्वै षण्मुगी’, ‘पम्मल के. संबंधम’ और ‘पंचतंत्रम’ में साथ काम करने के दिनों को याद किया।
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने लिखा कि ‘तेनिसई तेंड्रल’ देवा का जाना बेहद दुखद है। रहमान के मुताबिक तमिल संगीत की आत्मा से जुड़ी देवा की धुनों ने कई पीढ़ियों के दिलों को छुआ है और ये आने वाले समय में भी गूंजती रहेंगी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी देवा के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि देवा ने अपने संगीत और ‘गाना’ गीतों के जरिए आम लोगों की भावनाओं और जिंदगी को खूबसूरती से सामने रखा और गीतकार व गायक के रूप में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। उपराष्ट्रपति ने उनके निधन को तमिल संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति बताया।

एमके स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन ने देवा के आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और उनके बेटे व संगीतकार श्रीकांत देवा समेत परिवार को सांत्वना दी। अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने याद किया कि देवा ने उनकी पार्टी के लिए कई प्रचार गीत तैयार किए थे, जो आज भी कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
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रविवार को होगी अंतिम विदाई
देवा के निधन से तमिल फिल्म जगत में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक उनके ‘गाना’ गीतों और रजनीकांत की फिल्मों के लिए बनाई गई धुनों को साझा करते हुए उन्हें याद कर रहे हैं। रविवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
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