France Protest: फ्रांस में 3.2 लाख लोग सड़कों पर, महंगाई के खिलाफ उतरे छात्र

हैलोवीन की शाम, हाथों में तख्तियां और चेहरों पर कॉस्ट्यूम, लेकिन नारे पूरी तरह गंभीर। शनिवार, 31 अक्टूबर को फ्रांस में करीब 3.2 लाख लोग सड़कों पर उतरे। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक अकेले राजधानी पेरिस में 70,000 लोग मार्च में शामिल हुए। आयोजकों का दावा इससे कहीं बड़ा है: देशभर में करीब 5 लाख और पेरिस में 2 लाख। यह लगातार तीसरा वीकेंड है जब महंगाई और बदहाल सरकारी सेवाओं के खिलाफ फ्रांस थम सा गया।

France Protest क्यों हो रहा है?
इस आंदोलन की चिंगारी स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने सुलगाई थी। युवा संगठनों के गठबंधन (UE, Fage, Unef और USL) की मुख्य मांगें हैं: कॉलेज एडमिशन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Parcoursup को खत्म करना, जर्जर स्कूल-कॉलेज भवनों की मरम्मत और ज्यादा शिक्षकों की भर्ती। देखते ही देखते इसमें ट्रेड यूनियन, कर्मचारी और आम परिवार जुड़ गए, जिनकी शिकायत रोजमर्रा की चीजों के दाम और कम वेतन को लेकर है। मार्च में सबसे ज्यादा दिखने वाली तख्ती थी: ‘कीमतें घटाओ, वेतन बढ़ाओ’।
3 हफ्ते में भीड़ का गणित
- 17 अक्टूबर: सरकारी अनुमान 5 लाख से ज्यादा, यूनियनों का दावा 8 लाख
- 24 अक्टूबर: सरकारी अनुमान 4.1 लाख (पेरिस 1.1 लाख), यूनियनों का दावा 8 लाख
- 31 अक्टूबर: सरकारी अनुमान 3.2 लाख (पेरिस 70,000), आयोजकों का दावा करीब 5 लाख (पेरिस 2 लाख)
- बड़े शहर: लिली में 20,000, लियोन में 19,000 और रेन में 13,500 लोग
सरकारी आंकड़ों में भीड़ पिछले दो हफ्तों से कम जरूर दिखी, पर छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि आंदोलन थमा नहीं है। आयोजकों ने अगले दौर के लिए गुरुवार, 5 नवंबर को यूनियनों के आह्वान पर हड़ताल और प्रदर्शन की घोषणा की है।

पेरिस में रूट पर अदालत तक पहुंची लड़ाई
पेरिस में मार्च का रास्ता आखिरी घंटों तक तय नहीं था। आयोजक ऐतिहासिक बास्तील से नास्योन तक चलना चाहते थे। एक प्रशासनिक अदालत ने इसकी मंजूरी दी, लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च प्रशासनिक अदालत कॉन्सेय देता (Conseil d’État) ने शनिवार सुबह वह फैसला पलट दिया। आखिरकार मार्च शहर के बीच से हटाकर दक्षिण-पूर्वी बाहरी बुलेवार्ड पर, पोर्ट द बानोले से पोर्ट द शारांतों तक निकला। पेरिस मेट्रो और RER के 40 से ज्यादा स्टेशन बंद रहे।
दिन शांत, शाम को झड़पें
गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने कहा कि देशभर में करीब 150 मार्च शांति से पूरे हुए, लेकिन शाम को कुछ नकाबपोश समूहों ने पेरिस, मार्सेई, लियोन और तुलूज में पुलिस से झड़प की। पेरिस में एक जवान पर पेट्रोल बम फेंका गया, जिसे मंत्री ने ‘हत्या की कोशिश’ बताया; जवान को हल्की चोटें आईं। सरकार ने देशभर में करीब 70,000 पुलिसकर्मी और जेंडार्म तैनात किए थे। रात 8 बजे तक 520 लोगों को हिरासत में लिया गया, जो पिछले हफ्ते के करीब 1,000 से काफी कम है।

भारत के लिए क्यों अहम: दूतावास की एडवाइजरी
फ्रांस में हजारों भारतीय छात्र और पेशेवर रहते हैं और यह भारतीय पर्यटकों का भी पसंदीदा देश है। पेरिस में भारतीय दूतावास ने 21 अक्टूबर को एडवाइजरी जारी कर भारतीयों से सतर्क रहने, भीड़ और प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देश मानने और यात्रा से पहले RATP (पेरिस पब्लिक ट्रांसपोर्ट) का अपडेट देखने को कहा था। 5 नवंबर के अगले प्रदर्शन को देखते हुए यह सलाह अभी भी लागू है।
- भारतीय दूतावास, पेरिस: +33 6 48 34 00 63, cons.paris@mea.gov.in
- महावाणिज्य दूतावास, मार्सेई: +33 7 43 16 25 59, cgo.marseille@mea.gov.in
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
फ्रांस में 31 अक्टूबर को कितने लोग सड़कों पर उतरे?
गृह मंत्रालय के मुताबिक करीब 3.2 लाख, जिनमें पेरिस में 70,000। आयोजकों का दावा करीब 5 लाख का है।
फ्रांस में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
महंगाई, कम वेतन, बदहाल स्कूल-कॉलेज और सरकारी सेवाओं के खिलाफ। छात्र Parcoursup खत्म करने और ज्यादा शिक्षकों की मांग कर रहे हैं।
अगला प्रदर्शन कब है?
यूनियनों ने गुरुवार, 5 नवंबर को अगले दौर का आह्वान किया है।
फ्रांस में भारतीय किससे संपर्क करें?
पेरिस में भारतीय दूतावास: +33 6 48 34 00 63, cons.paris@mea.gov.in
यह खबर फ्रांस के गृह मंत्रालय, गृह मंत्री लॉरां नुनेज के बयानों, आयोजक संगठनों के आंकड़ों, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी और स्थानीय रिपोर्ट्स पर आधारित है।






