Panchkula School Case: 6 साल की बच्ची खतरे से बाहर, स्कूल प्रबंधन पर FIR दर्ज

स्कूल को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, लेकिन हरियाणा के पंचकूला के एक सरकारी स्कूल की खाली कक्षा में जो हुआ, उसने हर माता-पिता को झकझोर दिया है। तीसरी कक्षा के 8 साल के एक छात्र पर KG में पढ़ने वाली 6 साल की बच्ची पर बेरहमी से हमला करने का आरोप है। राहत की खबर यह है कि तीन दिन बाद बच्ची को होश आ गया है और पुलिस के मुताबिक अब वह खतरे से बाहर है। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही की FIR दर्ज कर ली है।

सोनीपत नहीं, पंचकूला का है मामला
सोशल मीडिया पर कई लोग इस घटना को सोनीपत का बता रहे हैं, लेकिन पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक यह मामला पंचकूला का है। DCP अदिति सिंह ने बताया, ’28 अक्टूबर को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 20, पंचकूला में एक दुखद घटना हुई, जिसमें 8 साल के एक छात्र ने कक्षा के अंदर 6 साल की छात्रा के साथ मारपीट की।’
Panchkula School Case: पुलिस ने अब तक क्या बताया
- बच्ची की हालत: PGIMER चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। चेहरे और नाक में फ्रैक्चर हुआ है। शनिवार को, भर्ती होने के तीसरे दिन, उसे होश आया और हालत में सुधार है। DCP के मुताबिक माता-पिता उसके साथ हैं और वह सुरक्षित है।
- FIR: शुरुआती जांच में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आई, इसलिए स्कूल प्रबंधन पर किशोर न्याय (JJ) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
- आरोपी बच्चा: DCP (क्राइम) अमरिंदर सिंह के मुताबिक 7 से 12 साल के बच्चों से जुड़े मामलों में कानून के तहत विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक आकलन करते हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
- जांच के सवाल: पुलिस का कहना है कि जांच से स्कूल में सुरक्षा इंतजाम और बच्चों की निगरानी पर गंभीर सवाल उठे हैं।
घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला है। हम बच्चों की निजता और कानून का सम्मान करते हुए वह वीडियो या कोई तस्वीर नहीं दिखा रहे हैं। JJ एक्ट के तहत किसी भी नाबालिग, चाहे पीड़ित हो या आरोपी, की पहचान उजागर करना अपराध है। पाठकों से अपील है कि ऐसा वीडियो आगे शेयर न करें।
अब पंचकूला के हर स्कूल के लिए SOP
DCP अदिति सिंह ने कहा, ‘इस घटना के बाद हमने पंचकूला के स्कूलों के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करने का फैसला किया है, जिसका पालन सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा।’ उन्होंने बताया कि पंचकूला पुलिस स्कूलों में जाकर शिक्षकों और छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी। उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया, ‘पंचकूला के स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।’
बाल अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने मामले का संज्ञान लेकर जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला से शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। आयोग की अध्यक्ष तृप्ति शेओरान ने कहा कि आयोग चाहता है कि बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन और काउंसलिंग हो, ताकि समझा जा सके कि उसने ऐसा व्यवहार क्यों किया, और यह भी जांचा जाए कि उसके पारिवारिक माहौल या किसी तरह के एक्सपोजर का इसमें कोई असर तो नहीं।
माता-पिता के लिए: स्कूल से ये सवाल जरूर पूछें
- क्या कक्षाओं और खाली कमरों पर हर समय किसी स्टाफ की नजर रहती है?
- छोटे बच्चों (KG-प्राइमरी) को बड़े बच्चों से अलग रखने की क्या व्यवस्था है?
- CCTV की निगरानी कौन करता है और आपात स्थिति में माता-पिता को कितनी जल्दी सूचना मिलती है?
- बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखे तो स्कूल में काउंसलर की सुविधा है या नहीं?
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यह घटना कहां की है, सोनीपत या पंचकूला?
पुलिस के मुताबिक घटना 28 अक्टूबर 2026 को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 20, पंचकूला (हरियाणा) में हुई।
बच्ची की हालत अब कैसी है?
PGIMER चंडीगढ़ में इलाज जारी है। उसे होश आ गया है और पुलिस के मुताबिक वह खतरे से बाहर है।
किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही के लिए JJ एक्ट और BNS के तहत। आरोपी 8 साल के बच्चे का मनोवैज्ञानिक आकलन हो रहा है।
यह खबर पंचकूला पुलिस के अधिकारियों (DCP अदिति सिंह, DCP क्राइम अमरिंदर सिंह), हरियाणा बाल अधिकार आयोग के बयानों और स्थानीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। कानून के तहत किसी भी बच्चे की पहचान उजागर नहीं की गई है।






