US Midterm Results: ट्रंप को डबल झटका, House-Senate डेमोक्रेट्स के नाम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार में वोटरों से कहा था कि मान लीजिए बैलेट पर मैं खुद हूं। वोटरों ने ठीक वैसा ही किया, और जवाब में ट्रंप की पार्टी को सत्ता के दूसरे सबसे बड़े केंद्र से बाहर कर दिया। मंगलवार (3 नवंबर) को हुए मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के दोनों सदनों, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, पर कब्जा कर लिया है। अमेरिकी नेटवर्क NBC News के डिसीजन डेस्क ने भारतीय समय के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 8:40 बजे हाउस और करीब 9:55 बजे पूरी कांग्रेस डेमोक्रेट्स के नाम होने का अनुमान (प्रोजेक्शन) जारी किया।
इसी रात भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर का चुनाव हार गए। ट्रंप के समर्थन के बावजूद उन्हें डेमोक्रेट डॉ. एमी एक्टन ने हरा दिया।

यह नतीजा इसलिए बड़ा है क्योंकि 2006 के बाद पहली बार किसी विपक्षी पार्टी ने एक ही रात में दोनों सदन छीने हैं। तब इराक युद्ध से नाराज वोटरों ने जॉर्ज डब्ल्यू. बुश की पार्टी को सबक सिखाया था। इस बार निशाने पर ट्रंप की नीतियां रहीं: महंगाई, टैरिफ, इमिग्रेशन पर सख्ती और फरवरी के आखिर से चल रहा ईरान युद्ध।
हाउस: 218 चाहिए थे, अनुमान 248 का
435 सदस्यों वाले हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए। डेमोक्रेट्स को सिर्फ तीन सीटों का शुद्ध फायदा चाहिए था, लेकिन उन्होंने कहीं ज्यादा सीटें पलट दीं, और उनमें से ज्यादातर ऐसे इलाकों की थीं जहां 2024 में ट्रंप जीते थे। NBC के अनुमान के मुताबिक डेमोक्रेट्स करीब 248 सीटें जीत सकते हैं, जो करीब दो दशक का उनका सबसे बड़ा बहुमत होगा। गिनती जारी है, इसलिए यह आंकड़ा कुछ ऊपर-नीचे हो सकता है।
पेन्सिल्वेनिया में तीन रिपब्लिकन सांसद हारे, जिनमें स्कॉट पेरी भी शामिल हैं। वर्जीनिया, कोलोराडो और नॉर्थ कैरोलाइना में भी रिपब्लिकन सीटें डेमोक्रेट्स के खाते में गईं।

न्यूयॉर्क से सांसद हकीम जेफ्रीज का अमेरिका का पहला अश्वेत स्पीकर बनना लगभग तय माना जा रहा है। डेमोक्रेट्स 16 नवंबर वाले हफ्ते में अपने नेता चुनेंगे और 3 जनवरी को नई कांग्रेस बैठेगी। मौजूदा स्पीकर माइक जॉनसन का भविष्य अधर में है।
सीनेट: लाल किलों में सेंध
सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53-47 का बहुमत था और डेमोक्रेट्स को कम से कम चार सीटें छीननी थीं। उन्होंने टेक्सास, साउथ कैरोलाइना, ओहायो, कंसास, आयोवा और नॉर्थ कैरोलाइना में रिपब्लिकन सीटें अपने नाम कर लीं। इनमें कई ऐसे राज्य हैं जिन्हें दशकों से रिपब्लिकन का गढ़ माना जाता है।
- टेक्सास: डेमोक्रेट जेम्स तलारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराया। 30 साल से ज्यादा समय में यह राज्य स्तर पर डेमोक्रेट्स की पहली जीत है।
- साउथ कैरोलाइना: एनी एंड्रयूज ने वह सीट जीती, जो कभी दिवंगत लिंडसे ग्राहम के पास थी।
- ओहायो: पूर्व सीनेटर शेरोड ब्राउन ने रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड को हराकर वापसी की।
- कंसास: एडम हैमिल्टन ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल को हराया।
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर का फिर से बहुमत नेता बनना तय माना जा रहा है। चुनाव से पहले उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा था, “हम महंगाई कम करेंगे, बेलगाम भ्रष्टाचार खत्म करेंगे और यह अफरातफरी रोकेंगे।”
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ट्रंप बोले: मैं बैलेट पर होता तो…
नतीजों के बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर हार की वजह खुद से अलग बताई। उन्होंने लिखा, “मैं बैलेट पर नहीं था, और अगर होता तो हम भारी अंतर से जीतते!”
वोटरों का मूड कुछ और कहता है। NBC News के एग्जिट पोल में 43% वोटरों ने कहा कि उनके वोट की एक वजह ट्रंप का विरोध जताना था। 71% वोटरों, जिनमें 41% रिपब्लिकन समर्थक भी शामिल हैं, का मानना है कि कांग्रेस ट्रंप पर पर्याप्त निगरानी नहीं रख रही। महंगाई, भ्रष्टाचार, इमिग्रेशन और ईरान युद्ध सबसे बड़े मुद्दे रहे।
अब ट्रंप के लिए क्या बदलेगा?
जनवरी से कांग्रेस की कमेटियां डेमोक्रेट्स के हाथ में होंगी। यानी समन जारी करने, जांच बिठाने और सार्वजनिक सुनवाई कराने की ताकत अब विपक्ष के पास होगी। हाउस ओवरसाइट कमेटी के अगले संभावित चेयरमैन रॉबर्ट गार्सिया ने नतीजों के कुछ ही मिनट बाद बयान जारी कर ट्रंप परिवार के ‘भ्रष्टाचार’, ICE की कार्रवाइयों और एपस्टीन फाइलों की जांच का एलान किया और कहा, “वकील कर लीजिए।”
महाभियोग पर जेफ्रीज ने कहा है कि डेमोक्रेट्स ने “न कुछ तय किया है, न कुछ खारिज किया है।” सीनेट हाथ में आने के बाद डेमोक्रेट्स ट्रंप के जजों और अफसरों की नियुक्तियों पर भी रोक लगा सकेंगे, और सुप्रीम कोर्ट में कोई जगह खाली हुई तो ट्रंप की पसंद पर मुहर लगवाना आसान नहीं होगा।
भारत के लिए इस नतीजे में क्या है?
जेफ्रीज ने नई कांग्रेस के लिए चार प्राथमिकताएं गिनाई हैं: मेडिकेड में कटौती पलटना, हेल्थ इंश्योरेंस सब्सिडी बढ़ाना, टैरिफ पर कांग्रेस का अधिकार बहाल करना और ईरान युद्ध रोकना। आखिरी दोनों सीधे भारत से जुड़ते हैं।
- टैरिफ: अब तक ट्रंप अपनी मर्जी से दुनिया भर पर टैरिफ लगाते रहे हैं। कांग्रेस यह अधिकार वापस लेने की कोशिश करती है, तो भारत जैसे व्यापारिक साझेदारों से होने वाली ट्रेड डील की शर्तों पर भी असर पड़ सकता है।
- तेल और होर्मुज: भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ईरान युद्ध पर लगाम लगी तो खाड़ी में तनाव और तेल की कीमतें, दोनों पर असर दिख सकता है।
- रुपया: बुधवार सुबह शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 19 पैसे मजबूत होकर 94.56 पर रहा।
हालांकि बहुमत 3 जनवरी से लागू होगा। तब तक रिपब्लिकन ‘लेम-डक’ सत्र में ट्रंप के खर्च और टैक्स से जुड़े बिल आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।
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भारतीय मूल के उम्मीदवार: कौन जीता, कौन चूका

सबसे चर्चित मुकाबला ओहायो का था। 2024 में राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतर चुके 41 साल के बायोटेक कारोबारी विवेक रामास्वामी को ट्रंप का समर्थन था, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टीम के रणनीतिकार साथ थे और उन्होंने अपनी जेब से भी मोटी रकम लगाई। इसके बावजूद पूर्व स्टेट हेल्थ डायरेक्टर डॉ. एमी एक्टन जीत गईं। वह ओहायो की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर होंगी और 2006 के बाद यह पद जीतने वाली पहली डेमोक्रेट।
आखिरी दिनों में यह मुकाबला बेहद कड़वा हो गया था। रामास्वामी के कैंपेन ने एक्टन की बरसों से अलग रह रहीं मां का एक विज्ञापन चलाया, जिसकी मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन समेत दोनों पार्टियों के नेताओं ने आलोचना की। रामास्वामी ने वह विज्ञापन हटाने या माफी मांगने से इनकार कर दिया था। जीत के बाद एक्टन ने कहा, “आज रात ओहायो ने बंटवारे और नफरत की जगह एकता और शालीनता को चुना है।”
- पिया डंडिया (डेमोक्रेट): फ्लोरिडा की 22वीं सीट जीती।
- सुहास सुब्रमण्यम (डेमोक्रेट): वर्जीनिया की 10वीं सीट से दोबारा जीते।
- अरुणा मिलर (डेमोक्रेट): मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के तौर पर फिर चुनी गईं।
- सरिता कोमटिरेड्डी (रिपब्लिकन): न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के चुनाव में लेटिशिया जेम्स से हारीं।
दो सीटों पर भारतीय मूल का सांसद चुना जाना पहले से तय है, क्योंकि वहां दोनों बड़े उम्मीदवार भारतीय मूल के हैं: कैलिफोर्निया की 17वीं सीट (सिलिकॉन वैली) पर रो खन्ना बनाम रितेश टंडन और वॉशिंगटन की 7वीं सीट पर प्रमिला जयपाल बनाम नीरव शेठ। इन सीटों की गिनती अभी जारी है।
एक बात ध्यान रखने लायक है: अमेरिका में चुनाव आयोग नतीजे घोषित नहीं करता, बल्कि न्यूज एजेंसियां और नेटवर्क वोटों की गिनती के आधार पर विजेता का अनुमान जारी करते हैं। एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने अपने ताजा अपडेट में डेमोक्रेट्स को ‘कांग्रेस पर नियंत्रण की दहलीज पर’ बताया है और उसकी औपचारिक घोषणा का इंतजार है। AP हाउस का फैसला तभी घोषित करता है जब कोई पार्टी 218 सीटें छू ले।
यह खबर NBC News डिसीजन डेस्क के प्रोजेक्शन और एग्जिट पोल, एसोसिएटेड प्रेस (AP) के नतीजों, डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट और हकीम जेफ्रीज, चक शूमर, रॉबर्ट गार्सिया व एमी एक्टन के बयानों पर आधारित है।
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