Jhota Murder Case: अमित शाह के मानसा पहुंचने से चंद घंटे पहले मान सरकार ने CBI को सौंपी जांच

मानसा/चंडीगढ़: नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले मानसा के परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अब CBI करेगी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि परिवार की मांग मानते हुए राज्य सरकार यह केस CBI को सौंप रही है। यह फैसला ऐसे वक्त आया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कुछ ही घंटे बाद मानसा पहुंचकर झोटा के परिवार से मिलने वाले हैं।
झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के बाजार में एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वे फेसबुक पर लाइव थे और दुकान मालिक पर नशीली दवाएं बेचने का आरोप लगा रहे थे। परिवार शुरू से ही राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा न होने की बात कहकर CBI जांच मांग रहा था। एक हफ्ते बाद भी झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है।
मान बोले- नशे के सौदागरों से लड़ाई आर-पार की
मुख्यमंत्री ने मंगलवार सुबह 9:49 बजे X पर पंजाबी में लिखा, “नशे के खिलाफ लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ हम हर समय डटकर खड़े हैं। परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए हम यह केस CBI को सौंप रहे हैं। नशे के सौदागरों के खिलाफ हमारी लड़ाई आर-पार की है। पंजाब को नशामुक्त करने के लिए हमें जो भी सख्त कदम उठाना पड़ा, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
कुछ देर बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यही जानकारी दोहराई। पार्टी के आधिकारिक X हैंडल के मुताबिक अरोड़ा ने कहा कि सरकार झोटा के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हत्यारे को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो मिसाल बने। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने इसे मान सरकार का “बहुत बड़ा कदम” बताया।

शाह आज तीन परिवारों से मिलेंगे, लुधियाना में जलेगा ‘चिट्टे का रावण’
गृह मंत्री के दफ्तर ने सोमवार रात उनके पंजाब दौरे का कार्यक्रम जारी किया था। इसके मुताबिक शाह उन तीन लोगों के परिवारों से मिलेंगे, जिनकी हाल ही में मौत हुई और जिन्होंने पंजाब में चिट्टा (हेरोइन) बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाई थी। दिन का आखिरी कार्यक्रम लुधियाना में दशहरा समारोह है, जहां रावण के साथ ‘चिट्टे के प्रतीकात्मक रावण’ का दहन होगा।
| समय | जगह | कार्यक्रम |
|---|---|---|
| दोपहर 12:15 बजे | श्री हरगोबिंदपुर, बटाला (गुरदासपुर) | बिक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात |
| दोपहर 2:00 बजे | तूर बंजारा गांव (संगरूर) | गुलजार सिंह के परिजनों से मुलाकात |
| दोपहर 3:00 बजे | वाटर वर्क्स रोड, मानसा | परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात |
| शाम 4:30 बजे | रामलीला मैदान, दरेसी रोड, लुधियाना | ‘चिट्टे के प्रतीकात्मक रावण’ का दहन |
रिपोर्टों के मुताबिक गुरदासपुर जिले के बिक्रमजीत सिंह की 15 अक्टूबर को कथित तौर पर नशा बेचने वालों का विरोध करने पर हत्या कर दी गई थी। संगरूर के दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह की 8 सितंबर को हुई मौत पर भी सियासी विवाद है। बताया जाता है कि उन्होंने इलाके में नशे की बिक्री को लेकर वित्त मंत्री हरपाल चीमा से सार्वजनिक रूप से सवाल किया था। दौरे को देखते हुए गुरदासपुर और मानसा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
फेसबुक लाइव के दौरान चली थीं गोलियां
झोटा मानसा और आसपास के मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री उजागर करने वाले वीडियो के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को वे एक बुजुर्ग को साथ लेकर उस दुकान पर पहुंचे थे, जिसके बारे में उनका दावा था कि बुजुर्ग ने वहीं से नशीली दवाएं खरीदी हैं। बहस के दौरान दुकान मालिक अश्वनी कुमार पर गोली चलाने का आरोप है। झोटा की मौत हो गई और उनके चार साथी घायल हुए। आरोपी को बाद में राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने घायलों को 5-5 लाख रुपये की मदद देने और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
हत्या के बाद मानसा में धरना शुरू हो गया, जो अब तक जारी है। 15 अक्टूबर को झोटा के लिए इंसाफ की मांग पर पंजाब बंद भी रहा। ट्रिब्यून की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक झोटा का शव अब भी मानसा के सिविल अस्पताल में रखा है, क्योंकि परिवार ने पोस्टमार्टम की सहमति नहीं दी है।
CBI जांच के अलावा और क्या मांग रहा है परिवार
झोटा के पिता भीम सिंह पूर्व सैनिक हैं। उनके और परिवार के समर्थन में बनी एक्शन कमेटी CBI जांच के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP गौरव यादव का इस्तीफा भी मांग रही है। कमेटी की मांगों में मानसा के SSP, DSP, संबंधित थाने के SHO और जिला ड्रग इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी तथा PGIMER चंडीगढ़ के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराना भी शामिल है। परिवार यह भी जानना चाहता है कि क्या हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश थी और गोली चलाने से ठीक पहले आरोपी फोन पर किससे बात कर रहा था।
सोमवार को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने परिवार और एक्शन कमेटी से करीब डेढ़ घंटे बात की, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। मंगलवार सुबह भीम सिंह ने ट्रिब्यून से कहा कि वे शाह के सामने CBI जांच के साथ मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग भी रखेंगे। इससे पहले वायरल हुए एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि परिवार की पहली मांग CBI जांच है, ताकि पता चले कि परविंदर को किसने मरवाया और इसमें और कौन शामिल था। भीम सिंह यह भी कह चुके हैं कि शाह के दौरे का कोई विरोध करेगा, तो वे इसे अपने परिवार का अपमान मानेंगे।

केंद्र भी इस मामले पर नजर रखे हुए है। गृह मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर घटना और राज्य सरकार की कार्रवाई पर विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी। उसी पत्र में मंत्रालय ने याद दिलाया था कि गृह मंत्री ने 10 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ साझा किया था, जिसमें समर्पित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), अनिवार्य वित्तीय जांच और NDPS अदालतों को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं। मंत्रालय ने इस पर भी राज्य से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी।
CBI जांच के ऐलान पर गरमाई सियासत
शाह के दौरे से ठीक पहले आए इस फैसले पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। पंजाब भाजपा ने अपने X हैंडल पर लिखा कि अमित शाह अभी दिल्ली से रवाना भी नहीं हुए थे कि भगवंत मान ने CBI जांच का ऐलान कर दिया। पार्टी ने पूछा कि परिवार और पंजाबियों की इंसाफ की मांग पहले क्यों नहीं सुनी गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने कहा कि सरकार से नशा काबू नहीं हो रहा, इसलिए मजबूर होकर केस CBI को सौंपा गया है।
AAP ने पलटवार में केंद्र को घेरा। अमन अरोड़ा ने कहा कि शाह का प्रभावित परिवारों का दुख बांटने आना अच्छी बात है, लेकिन उनसे राजनीतिक सवाल भी पूछे जाएंगे। अरोड़ा ने शाह से तीन सवाल भी पूछे: भारत-पाकिस्तान सीमा पर नशे और हथियारों की तस्करी रोकने में केंद्र नाकाम क्यों है, गुजरात में पकड़े जाने वाले हजारों किलो नशे पर भाजपा और केंद्र ने क्या किया, और 2007 से 2017 के बीच पंजाब में फैले चिट्टे और गैंगस्टरवाद पर वे चुप क्यों रहे। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने दावा किया कि नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं को NDPS कानून के दायरे में लाने के लिए पंजाब ने 2025 और 2026 में केंद्र को तीन पत्र भेजे, लेकिन किसी का ठोस जवाब नहीं आया।
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए झोटा हत्याकांड नशे के मुद्दे पर सियासी बहस का केंद्र बन गया है। अब नजर इस पर है कि CBI जांच के ऐलान के बाद परिवार और एक्शन कमेटी धरना और अंतिम संस्कार को लेकर क्या फैसला करते हैं, और दोपहर 3 बजे मानसा में होने वाली मुलाकात में शाह परिवार से क्या कहते हैं।
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